Sunday, December 13, 2009

कोई दिल के पास रहता hai

क्यों दूर हो कर भी
कोई दिल के पास रहता है.
दिल के पास हो कर भी
क्यों उस का इंतज़ार रहता है.
यह कैसा दर्द है
जो मीठा सा लगता है.
महफ़िल में हूँ मगर
मुझे तनहा सा लगता है.
क्यों हम हर पल
उनके ख्यालों में खोय रहते हैं.
उनके ही ख्यालों से
अपनी दुनिया सजाये रहते हैं.
क्यों लगता है
हम उनके बिना अधूरे हैं.
मिल जाए अगर वोह
तौ सारे सपने पूरे हैं

१ निशानी हूँ main

अगर रख सको तो एक निशानी हूँ मैं,
खो दो तो सिर्फ एक कहानी हूँ मैं,
रोक पाए न जिसको ये सारी दुनिया,
वो एक बूँद आँख का पानी हूँ मैं,
सबको प्यार देने की आदत है हमें,
अपनी अलग पहचान बनाने की आदत है हमे,
कितना भी गहरा जख्म दे कोई,
उतना ही ज्यादा मुस्कराने की आदत है हमें,
इस अजनबी दुनिया में अकेला ख्वाब हूँ मैं,
सवालो से खफा छोटा सा जवाब हूँ मैं,
जो समझ न सके मुझे उनके लिए "कौन",
जो समझ गए उनके लिए खुली किताब हूँ मैं,
आँख से देखोगे तो खुश पाओगे,
दिल से पूछोगे तो दर्द का सैलाब हूँ मैं,"

अगर रख सको तो निशानी खो दो तो सिर्फ एक कहानी हूँ मैं"