Wednesday, May 27, 2009

दोस्ती

तेरी दोस्ती को पलकों पर सजायेंगे हम
जब तक जिन्दगी है तब तक हर रस्म निभाएंगे
आपको मनाने के लिए हम भगवान् के पास जायेंगे
जब तक दुआ पूरी न होगी तब तक वापस नहीं आयेंगे

हर आरजू हमेशा अधूरी नहीं होती है
दोस्ती मै कभी दुरी नहीं होती है
जिनकी जिन्दगी मै हो आप जैसा दोस्त
उनको किसी की दोस्ती की जरुरत नहीं पड़ती है

किसी की आँखों मे मोहब्बत का सितारा होगा
एक दिन आएगा कि कोई शक्स हमारा होगा

कोई जहाँ मेरे लिए मोती भरी सीपियाँ चुनता होगा
वो किसी और दुनिया का किनारा होगा

काम मुश्किल है मगर जीत ही लूगाँ किसी दिल को
मेरे खुदा का अगर ज़रा भी सहारा होगा

किसी के होने पर मेरी साँसे चलेगीं
कोई तो होगा जिसके बिना ना मेरा गुज़ारा होगा

देखो ये अचानक ऊजाला हो चला,
दिल कहता है कि शायद किसी ने धीमे से मेरा नाम पुकारा होगा

और यहाँ देखो पानी मे चलता एक अन्जान साया,
शायद किसी ने दूसरे किनारे पर अपना पैर उतारा होगा

कौन रो रहा है रात के सन्नाटे मे
शायद मेरे जैसा तन्हाई का कोई मारा होगा

अब तो बस उसी किसी एक का इन्तज़ार है,
किसी और का ख्याल ना दिल को ग़वारा होगा
 

किसी के

किसी के इतने पास न जा, के दूर जाना खौफ़ बन जाये
एक कदम पीछे देखने पर, सीधा रास्ता भी खाई नज़र आये

किसी को इतना अपना न बना, कि उसे खोने का डर लगा रहे
इसी डर के बीच एक दिन ऐसा न आये, तु पल पल खुद को ही खोने लगे

किसी के इतने सपने न देख, के काली रात भी रन्गीली लगे
आन्ख खुले तो बर्दाश्त न हो, जब सपना टूट टूट कर बिखरने लगे

किसी को इतना प्यार न कर, के बैठे बैठे आन्ख नम हो जाये
उसे गर मिले एक दर्द, इधर जिन्दगी के दो पल कम हो जाये

किसी के बारे मे इतना न सोच, कि सोच का मतलब ही वो बन जाये
भीड के बीच भी, लगे तन्हाई से जकडे गये

किसी को इतना याद न कर, कि जहा देखो वोही नज़र आये
राह देख देख कर कही ऐसा न हो, जिन्दगी पीछे छूट जाये

ऐसा सोच कर अकेले न रहना, किसी के पास जाने से न डरना
न सोच अकेलेपन मे कोई गम नही, खुद की परछाई देख बोलोगे "ये हम नही

Tuesday, May 26, 2009

Unke Liye

Kya kya nahi kiya unke liye
Sab kuch loot gaya unhe paane ke liye
Ghar chhora unse milne ke liye
Duniya se lada unko hasil karne ke liye 
Gali gali ghuma unhe dekhne ke liye
Unhe yaad karta tha..muskurane ke liye
Logo ne kaha..tu pagal ho gaya hai uske liye
Magar unhe kya pata...woh kya hai mere liye
Kuch bhi kar sakta hu..unhe paane ke liye 
Yaad aate hai woh din ab...
Jab woh kehti thi ki..woh bani hai mere liye
Vada kiya tha ki saath rahenge janam janam ke liye
Abhi bhi yaad hai woh din..jab milne gaya tha unse mein
Unhone kaha ki bhool jaavo hume ab zindagi bhar ke liye 
Unse pyaar itna karta tha ki..pooch bhi na paaya kis liye...

Prem Ka Dhaga

जब एक प्रेम का धागा जुड़ता है,
दिल का कमल तब ही खिलता है

देखता है खुदा भी आसमान से जमीन पर
जब एक दिल दूसरे से बेपनाहा मोहब्बत करता है

सुलगने लगता है तब धरती का सीना भी
जब कोई आसमान बन के बाहो में पिघलता है

लिखी जाती है तब एक दस्तान-ए -मोहब्बत
तब कही जा कर अमर-प्रेम लोगो के दिलों में उतरता है!!



प्रेम जीवन का आधार है, इसके बिना इंसान मशीन बन जायेगा। प्रेम ही जीवीत और अजीवीत मे फर्क करता है...

Kabhi Na Ho

TU ROOTH JAAYE MUJH SE AISA KABHI NA HO,
MAIN EK NAZAR KO TARSON AISA KABHI NA HO,

MAIN POOCH POOCH HAROON SO SO SAWAL KAR KE,
TUM JAWAB NA DO AISA KABHI NA HO,

KUCH MAIN BHI HUN JANOONI KUCH MERI MOHABBAT BHI,
YEH JUNOON THAM NA JAAYE AISA KABHI NA HO,

MERAY HI SAATH HASNA,MUJH SE HI MIL KE RONA,
MUJH SE BICHAD KE JEE LO AISA KABHI NA HO,

TUM CHAND BAN KAR NIKALNA MAIN DEKHTA RAHOONGA,
KISI RAAT TUM NA NIKLO AISA KABHI NA HO!!!!

Koi Yaad Aata hai Bahut

Koi aata hai yaad bohat sone se pehle.
Jo cheen leta hai ansu mere rone se pehle..
Phir rehta hai raat bhar wo esey samne...
Mai aksar chal parta hun uska hath thaamne....
Ab neend b aay to mai sona nahi chahta.....
kisi qeemat pey b mai usko khona nahi chahta......
ho jaey wo kash mera muje khone se pehle.......
Jo aata hai yaad bohat soney se pehle...!!!

Sunday, May 24, 2009

Achha Nahi Lagta

Kisi se Baat karna , Bolna acha nahi lagta
Tujhe Dekha hai jab se , Doosra acha nahi lagta

Teri ankhon main jab se maine apna aks Dekha Hai
mere chahre ko koi aina acha nahi lagta…..

Tere Baare main Din Bhar sochti Rehti Hoon main lekin
Tere Baare main sab se Poochna acha nahi lagta

Yahan Mohabbat karne wale Barbaad Rehte hain…..
yeh Darya Hai issey kacha Gharra acha nahi lagta

MAIN ab chahat ki us Manzil per aan Punhcha Hoon,
Teri alawa  kisi ko  Dekhna acha nahi lagta….

Some Shayari

Har ahat ehesas hamara dilayegi
Har hawa kissa hamara sunayegi
Hum itni yaadein bhar denge
Na chahate hue bhi aapko yaad humari aayegi.

Woh zindagi hi kya jisme mohabbat nahi,
Woh mohabat hi kya jisme yaadein nahi,
Woh yaadein hi kya jisme tum nahi,
Aur woh tum hi kya jiske saath hum nahi….

Suna hai wo keh kar gaye hai ke ab to hum,
Sirf tumhare khawboo main hi aayenge,
Koi keh de unse ki wo vada kar le hum,
Jindgi bher ke liye so jayenge.

Badi muddat se chaha hai tumhe
Badi duaaon se paya hai tumhe
Thuje bhulane ka sochu bhi kaise,
Kismat ki lakiroon se churaya hai tumhe

Phool juda hai kato se,
Khushbu se nahi,
Hum juda hai unse,
Magar dil se nahi.

Royengi ye aankhein muskuraane ke baad,
Aayegi raat din dhal jaane ke baad,
Tum kabhi naa ruthnaa mujhse ae yaar,
Shayad ye zindagi hi na ruth jaaye,
Tumhare ruth jaane ke baad.

Nakaam si koshish kiya karte hai,
Hum hai ke unse pyar kiya karte hai.
Khuda ne taqdeer mein 1 tuta taara nahi likha,
Aur ek hum hai ke chand ki aarzu kiya karte hai!

Muskurane ki vajah kya jane hum
Hum to unki yaad ko tazaa karte hai.
Kambakth ye hasi bhi aisi hai ki
Unki judai mein bhi ro kar muskurati hai.

Jaam pe jaam peene se kya fayeda,
Raat guzri to utar jayegi,
Kisi ki aankhon se peeyo khuda ki kasam,
Umr saari nashe mein guzar jayegi.

Log kehte hain ke ishq itna mat karo,
Ke husn sar pe sawar ho jaaye,
Hum kehte hain ke ishq itna karo,
Ke patthar dil ko bhi tumse pyaar ho jaye……

Har dil ki dhadkan main koi baat hoti hai,
Har udas zindagi main kisi ki yaad hoti hai,
Tume pata ho ya na ho tumhari,
Har khushi ke piche humari duaa hoti hai.

Monday, May 18, 2009

प्यार के किस्से......

कुछ ऐसे दिन भी मेरी ज़िन्दगी में आये हैं..
आँखे जब रोई है होंठ मुस्कराए हैं,
सबसे ज्यादा जो दूर गए मेरे दामन से,
जाने क्यूँ सबसे ज्यादा याद वही आये हैं ....

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जब भी किसी को करीब पाया है,
क़सम ख़ुदा की वहीँ धोखा खाया है,
क्यों दोष देते हो कांटो को,
ये ज़ख्म तो हमने फूलों से पाया है!

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सुना है प्यार के किस्से अजीब होते हैं,
ख़ुशी के बदले गम नसीब होते हैं,
मेरे दोस्त मोहब्बत ना करना कभी,
प्यार करनेवाले बड़े बदनसीब होते हैं !!

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हमारी तमन्ना थी मोहब्बत में आशियाँ बनाने की,
बना चुके तो लग गयी नज़र ज़माने की,
उसी का क़र्ज़ है जो आज हैं आँखों में आँसू ,
आशियाँ बना के सजा मिली है मुस्कुराने की !!

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बस दो कदम......

बस दो कदम.......

जाने क्यूँ वो साँसों की डोर टूटने नहीं देता,
बस दो कदम और चलने का वास्ता देकर मुझे रुकने नहीं देता |

बात कहता है वो मुझसे हंस हंस कर जी लेने की,
अजीब शख्स है मुझको चैन से रोने नहीं देता |

आज हौसला देता है मुझे चाँद सितारों को छू लेने का, 
वो प्यारा सा चेहरा मुझे टूटकर बिखरने नहीं देता |

शायद जानता है वो भी इन आँखों में आंसुओं का सैलाब है,
जाने क्यूँ फिर भी वो इन आंसुओ को गिरने नहीं देता |

मुझसे कहता है, “मैं तो मर जाऊंगा तुम्हारे बिना“,
मैं जिंदा हूँ अब तक के वो मुझे मरने नहीं देता |

जाने क्यूँ वो साँसों की डोर टूटने नहीं देता,
बस दो कदम और चलने का वास्ता देकर मुझे रुकने नहीं देता |||

याद आते हो तुम ..

याद आते हो तुम ....


मत पूछो ये मुझसे की कब याद आते हो तुम,

जब जब साँसें चलती हैं बहुत याद आते हो तुम,

नींद में पलकें होती हैं जब भी भारी,

बनके ख्वाब बार बार नज़र आते हो तुम,

महफिल में शामिल होते हैं हम जब भी,

भीड़ की तनहयों में हर बार नज़र आते हो तुम,

जब भी सोचा की फासला रखूँ मैं तुम से,

ज़िन्दगी बन के साँसों में समां जाते हो तुम,

खुद को तूफ़ान बनाने की कोशिश तो की,

बन के साहिल अपनी आगोश में समां जाते हो तुम,

चाहा ना था मैंने इस पहेली में उलझना,

हर उलझन का जवाब बन के उभर आते हो तुम,

सूरज की रौशनी, चंदा की चांदनी,

आसमान को देखता हूँ मैं जब जब,

तुम्हारी कसम बहुत याद आते हो तुम,

अब ना पूछना मुझसे की कब,

याद आते हो तुम .........

ज़िन्दगी किस तरह बिताओगे.


पास जब अपने हमें न पाओगे,

दिन में तन्हाईयाँ सताएंगी,

रात को चौंक कर उठ जाओगे,

रात भर नींद क्यों नहीं आती,

तुम ये खुद भी समझ न पाओगे,

लोग पोचेंगे इस तन्हाई का सबब,

क्या छुपाओगे क्या बताओगे,

पलकें हर बार भीग जायेंगी,

जब कभी खुल के मुस्कराओगे,

मेरी यादें बहुत सताएंगी,

जब भी बारिश में भीग जाओगे,

खुद को तनहा न पा सकोगे,

हर जगह मेरा अक्स पाओगे !!!!

कभी.......जी चाहता है!



कभी अपनी हंसी पे भी आता है गुस्सा,
कभी सबको हँसाने को जी चाहता है!

कभी छुपा लेते हैं सब ग़मों को किसी कोने में,
कभी किसी को सब कुछ सुनाने को जी चाहता है!

कभी रोता नहीं मन किसी कीमत पे भी,
कभी यूँ ही आंसू बहाने को जी चाहता है!

कभी उड़ना चाहता है मन ऊँचे आकाश में,
कभी किसी बंधन में बंध जाने को जी चाहता है!

कभी सागर की लहरों से भी नहीं डरता ये दिल,
कभी उन्हीं लहरों में समां जाने को जी चाहता है!

कभी लगते हैं अपने बेगानों से,
कभी बेगानों को भी अपना बनाने को जी चाहता है!

कभी शर्म नहीं आती गैरों से भी,
कभी यूँ ही शर्माने को जी चाहता है!

कभी मिलता नहीं अपनों से ये दिल,
कभी किसी अनजाने से मिल जाने को दिल चाहता है!

कभी आता नहीं जुबाँ पर ऊपर वाले का नाम,
कभी उसको भी मनाने को जी चाहता है!

कभी लगती है ये जिंदगी बड़ी सुहानी,
कभी जिंदगी का साथ छोड़ जाने को जी चाहता है!!!!

Thursday, May 14, 2009

Ek Nishani hoon main

अगर रख सको तो एक निशानी हूँ मैं,

खो दो तो सिर्फ एक कहानी हूँ मैं,
रोक पाए न जिसको ये सारी दुनिया,
वो एक बूँद आँख का पानी हूँ मैं,
सबको प्यार देने की आदत है हमें,
अपनी अलग पहचान बनाने की आदत है हमे,
कितना भी गहरा जख्म दे कोई,
उतना ही ज्यादा मुस्कराने की आदत है हमें,
इस अजनबी दुनिया में अकेला ख्वाब हूँ मैं,
सवालो से खफा छोटा सा जवाब हूँ मैं,
जो समझ न सके मुझे उनके लिए "कौन",
जो समझ गए उनके लिए खुली किताब हूँ मैं,
आँख से देखोगे तो खुश पाओगे,
दिल से पूछोगे तो दर्द का सैलाब हूँ मैं,
"अगर रख सको तो निशानी खो दो तो सिर्फ एक कहानी हूँ मैं" !!!

Wednesday, May 13, 2009

किसी को मेरी मौत पे

किताबो के पन्नो को पलट के सोचता हु,,,
यु पलट जाये मेरी ज़िन्दगी तो क्या बात है...
ख्वाबो में रोज़ मिलता है जो,,,
हकीकत में आये तो क्या बात है...
कुछ मतलब के लिए दूंदते है मुझको,,,
बिन मतलब जो आये तो क्या बात है...
कत्ल कर के तो सब ले जायेंगे दिल मेरा..
कोई बातो से ले जाए तो क्या बात है...
शरीफों की शराफत में जो बात न हो...
एक शराबी कह जाये तो क्या बात है...
अपने रहने तक तो ख़ुशी दूंगा सबको..
किसी को मेरी मौत पे ख़ुशी मिल जाये तो क्या बात है...

Tuesday, May 12, 2009

Tere Mere

Nai nai si lagti hain ye zindagi tere aane ke baad.

Gham judai ka khatm kar dega hume tere jaane ke baad.

Har kami ganwara hain sanam, gar saath ho tumhara.

Jaane anjaane ban gaye ho tum jine ka sahara.

Teri yaadon mein doobe huan hain ab subho shaam mere.

Neend to jaati rahi, ab mere khwab bhi ho gaye hain tere.

Zulfo ko raat, chehre ko chaand jab se keh gaye ho tum,

bheed mein sab se juda aur haseen mujhe bana gaye ho tum.

Yaadon se teri behalta nahi ab dil ye mera.

Sach ho jaaye sapna mera

wo hote agar

Woh hote Agar.....
Woh hote koi kali jo khil jate,
Aur hum unki mahek ban jate.

woh Hote Agar.........

Woh hote koi sahil to,
Hum kinara ban ke unki bahoen main sojate.

woh Hote Agar.........

Woh hote agar chaand to,
Hum unki chandni ban ke
unke khali jahaen main beshumar mohabbat latey.

woh Hote Agar.........

Woh hote agar suraj to ,
Hum unki kirne ban ke unki zindagi mai ujala late.

woh Hote Agar.........

Woh hote agar paedd to,
Hum unke pattae ban jate aur naya phal khilate.

Magar ye to hain sab batien,
Agar hum hi na hote to,
Ise kaoun nibhate.

Friday, May 1, 2009

Kyu नज़र आता Hai

हजारों रंगों की दुनिया,
पर हर रंग काला क्यों नजर आता है ?

हर सुन्दर चेहरे पर है मुस्कराहट,
पर हर मुस्कराहट में कमी क्यों नजर आता है ?

छोटा बहुत है ये ज़िन्दगी का सफ़र,
पर हर सफ़र लम्बा क्यों नजर आता है ?

बहुत ऊँचा है मेरे सपनों का महल,
पर दिवार टुटा हुआ क्यों नजर आता है ?

रिश्तों में खोना चाहते हैं मगर,
हर रिश्ते में धोखा क्यों नजर आता है ?

इन्सान तो हम हैं मगर,
हर खून में मिलावट क्यों नजर आता है ?????