Sunday, July 18, 2010

दूरी

बिन तेरे ये ज़िन्धी अधूरी थी,
तेरे साथ न होना मेरी मज़बूरी थी,
हो कर भी पास तू दूर था  मुझे से,
जाने ये कैसे दुरी थी,
आना चाह्ती थी मैं  पास तेरे ,
पर जाने क्यों इतना डरती थी,
दूर से देख तुझे यू  ,धीरे से सजदा करती थी,
मोहब्बत में मैं  भी तेरी ,पल-पल आहे भारती थी,
छिप -छिप  कर मैं भी तुमसे ,मिलने की कोशिस करती थी........

प्यार का एहसास

न जाने क्यों वो हमे इतना प्यार करते है,
हमारी हर बात पर aitbaar करते है,
इन आँखों में कुछ सपने लिए,
हमसे मिलने का इंतजार करते है,
हर आहात पर लगे उन्हें की हम आ गए,
न जाने कब हम उनके दिल में समां गए,
देखते-ही-देखते मेरे इस दिल में,
व्हो भी अपनी जगह बना गए,
अहसास अपने प्यार का मुझको दिला गए,
मोहब्बत के इस दरिया में मुजको डूबा गए,
ये उसका और उसके प्यार का अहसास है,
जो पत्थर को भी मूम बना गया है,इस दिल को प्यार करना सिखा दिया है...........

काश की मुझसे भी किसी को प्यार होता

काश की मुझसे भी किसीको प्यार होता,
काश के मेरे लिए भी किसीका दिल बेक़रार होता,
काश के मुझे भी कोई अपनी यादों में लाता,
अपने ख्वाबों में बसता ,आँखों में छुपाता.

काश के मुझसे भी कभी कोई इज़हार करता ,
काश के मेरे लिए भी कोई बेचैन होता,
काश के मुझे भी कोई अपने दिल में उतरता ,
अपनी सांसों में समता , मेरी दुनिया को महकाता.

काश के मेरे भी सपने कभी सच होते,
काश के मेरे भी अरमान पुरे होते
काश के मुझे भी कभी मिल जाता कोई,
देखती उसे मैं हरपाल , रहती खोये खोये.

ज़िन्दगी प्यार बिना अधूरी सी होती है,
एक साथी बिना सुनी सुनी होती है,
काश के मुझे भी किसीका साथ मिला होता,
काश के मेरे ज़िन्दगी में भी किसी का साथ होता