Monday, March 29, 2010

मन करता hai

प्यार की सागर में डूब जाने को मन करता है
तुम्हारा हो जाने को मन करता है
जानते है तुम्हारा जवाब न होगा
फिर भी हां सुनने का मन करता है

राहे बदल गयी
मंजिल बदल गयी
फिर भी न जाने क्यू
ये रिश्ता ज़िन्दगी भर निभाने को मन करता है

तुझे पा न सकी
तेरी हो न सकी
तेरी रहो के कांटे चुन न सकी
फिर भी तेरी ज़िन्दगी में फूल ही मिले , ये दुआ मागने को मन करता है

Wednesday, March 17, 2010


warso bad jab tumhe deka
wahi hasin muskrahat tere labo par paya
tum kuch chupa rahi thi
par tumhari aankhe haqiqat byan kar rahi थी
adaye nazakat badle hue the tumhare
lekin samay ki chadar तुम्हारे khoobsurati ko nahi dakh पाया
chanchal si ladki gambhir lag rahi थी
par maine uske dil me maine sararat ka basera पाया
chand lamhe ki foorsat na थी use
lekin mere ek ishare ke intezar me maine uske bebasi ko paya
fasle to badh chuke the hamare bich
dooriyo ke darmiya maine use apne karib paya ek aisa aieshash paya

की तुम याद aye

jane kya madhosh hue aaj hawa ke झोके khoosboo ऐसी बही
ki tum yaad आये

सबसे किनारा करके
bhoolne का भरम भी पाला
ek kadam bhi larkharaye
ki tum yad आये

rah badli na milne ki kasme bhi खाई
door sannante me ek pata bhi खरंका
ki tum yad आये

log poochenge isliye ghar baithe rahe u hi tanha ek dastak se hosh ude
ki tum yaad आये ।

Sunday, December 13, 2009

कोई दिल के पास रहता hai

क्यों दूर हो कर भी
कोई दिल के पास रहता है.
दिल के पास हो कर भी
क्यों उस का इंतज़ार रहता है.
यह कैसा दर्द है
जो मीठा सा लगता है.
महफ़िल में हूँ मगर
मुझे तनहा सा लगता है.
क्यों हम हर पल
उनके ख्यालों में खोय रहते हैं.
उनके ही ख्यालों से
अपनी दुनिया सजाये रहते हैं.
क्यों लगता है
हम उनके बिना अधूरे हैं.
मिल जाए अगर वोह
तौ सारे सपने पूरे हैं

१ निशानी हूँ main

अगर रख सको तो एक निशानी हूँ मैं,
खो दो तो सिर्फ एक कहानी हूँ मैं,
रोक पाए न जिसको ये सारी दुनिया,
वो एक बूँद आँख का पानी हूँ मैं,
सबको प्यार देने की आदत है हमें,
अपनी अलग पहचान बनाने की आदत है हमे,
कितना भी गहरा जख्म दे कोई,
उतना ही ज्यादा मुस्कराने की आदत है हमें,
इस अजनबी दुनिया में अकेला ख्वाब हूँ मैं,
सवालो से खफा छोटा सा जवाब हूँ मैं,
जो समझ न सके मुझे उनके लिए "कौन",
जो समझ गए उनके लिए खुली किताब हूँ मैं,
आँख से देखोगे तो खुश पाओगे,
दिल से पूछोगे तो दर्द का सैलाब हूँ मैं,"

अगर रख सको तो निशानी खो दो तो सिर्फ एक कहानी हूँ मैं"

Monday, September 7, 2009

Tuesday, August 18, 2009

MERE TOOTE HUE DIL KO, SAHARA KON DEGA
MERI TOOFAAN ME KASHTI, KINARA KON DEGA
YEH KESE MOR PE LAAI HA MUJKO ZINDIGANI
ADHOORI SEE LIKHI GYEE HA KYUN MERI KAHANI
HA AB KIS RAAH PE CHALNA ISHARA KON DEGA
MERE TOOTE HUE DIL KO SAHARA KAUN DEGA
MAIN HOON OUR SATH MERE AB MERI TANHAAYAN HAIN
MERI TAQDEER SE MUJKO MILI RUSWAYIAN HAIN
MERI ANKHON KO KHUSHION KA NAZARA KAUN DEGA
MERE TOOTE HUE DIL KO SAHARA KAUN DEGA