Monday, May 18, 2009

प्यार के किस्से......

कुछ ऐसे दिन भी मेरी ज़िन्दगी में आये हैं..
आँखे जब रोई है होंठ मुस्कराए हैं,
सबसे ज्यादा जो दूर गए मेरे दामन से,
जाने क्यूँ सबसे ज्यादा याद वही आये हैं ....

~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~

जब भी किसी को करीब पाया है,
क़सम ख़ुदा की वहीँ धोखा खाया है,
क्यों दोष देते हो कांटो को,
ये ज़ख्म तो हमने फूलों से पाया है!

~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~

सुना है प्यार के किस्से अजीब होते हैं,
ख़ुशी के बदले गम नसीब होते हैं,
मेरे दोस्त मोहब्बत ना करना कभी,
प्यार करनेवाले बड़े बदनसीब होते हैं !!

~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~

हमारी तमन्ना थी मोहब्बत में आशियाँ बनाने की,
बना चुके तो लग गयी नज़र ज़माने की,
उसी का क़र्ज़ है जो आज हैं आँखों में आँसू ,
आशियाँ बना के सजा मिली है मुस्कुराने की !!

~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~

7 comments:

  1. बहुत खूब।

    कई लोगों को देखा है, जो छुपकर के गजल गाते।
    बहुत हैं लोग दुनियाँ में, जो गिरकर के संभल जाते।
    इसी सावन में अपना घर जला है क्या कहूँ यारो,
    नहीं रोता हूँ फिर भी आँख से, आँसू निकल आते।।

    सादर
    श्यामल सुमन
    09955373288
    www.manoramsuman.blogspot.com
    shyamalsuman@gmail.com

    ReplyDelete
  2. Anek shubhkamnayon sahit swagat hai..!

    ReplyDelete
  3. Likha behad achhaa hai...khusoorat alfaaz..khoobsoorat khayalat..

    ReplyDelete
  4. umda sher hai...maaf kijiyega par me inko sms me pad chuka hu

    ReplyDelete
  5. bahut khoob

    kayi panktiyan lajawaab hain.

    meri shubhkamnayen

    ReplyDelete