जो बात तुमसे है किसी और से नहीं
मेरी ख़ुशी तुमसे है किसी और से
आज़ाद पंछी की तरह चहकती हूँ पास जब तुम होते हो
ये चहक भी तुसे है किसी और से नहीं
दुआएं भी मांगती हूँ सिर्फ तेरे लिए
ये दुआएं भी तुमसे है किसी और से नाहीं
याद में तेरे ये आंखे भी नम होते है
की यादूं क झरोखे भी तुमसे है किसी और से
मिलने क लिए तरपता है ये दिल
की ये ताराप भी तुमसे है किसी और से नहीं
मेरी मजबूरी को समझाना है, जानना है तुमको
किसी और को नहीं, किसी और को नहीं।

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